विवेकानंद जी ने एक कहानी का जिक्र बार बार किया है | एक शेर का बच्चा अपने झुण्ड सेबिछड जाता है और भेंड़ों के झुण्ड में जा मिलता है।

उसका लालन पालन भेंड़ों की तरह होता है
और उसमे भेंड के सारे गुणआ जातें हैं | एक दिन उस भेंड़ों के झुण्ड पर एकशेर आक्रमण कर देता है सारे भेंड अपनी जानले कर भागतें हैं | शेर का बच्चा भी भागता है |शेर को यह सब देख कर मारे आश्चर्यकी उसकी आँखें फटी रह जाती है | वहभेंड़ों को छोड़ कर पहले शेर के बच्चे को पहलेदबोचता है | शेर का बच्चा मिमियाने लगता है |शेर उस बच्चे से पूछता है की भेंड तो भाग गएकोई बात नहीं लेकिन तुम क्यों भाग रहे हो ? शेरका बच्चा मिमियाने लगता है | शेर को बातसमझ में आ जाती है ,पास हीं नदी बहरही होती है | शेर उस बच्चे का गर्दन पकड करनदी में उसका छवि दिखाता है | शेरका बच्चा अपने को पहचान कर जोरदार गर्जनकरता है | शेर को मारे खुशी के आंसू छलकआतें हैं |हम भटके हुए शेर के बच्चे हैं | समय समय परकोई कृष्ण अपने गीता के माध्यम से हमें हम शेरहैं बताने आतें हैं | कोई मोहमद अपने कुरान केमाध्यम से ,कोई जीसस अपने बाइबल केमाध्यम से ये बताता है कि हम शेर हैं और खुदको भेंड समझ बैठ हैं और जब हम खुदको पहचानतें हैं तो जितनी खुशी हमें होती हैउतनी हीं खुशी किसी कृष्ण ,मोहमद या जीससया किसी भी सद्गुरु को भी होती है |वर्तमान में भारत की जो दुर्दशा यहाँ केभ्रष्टों ने ,अतितायिओं ने बना रखी है ऐसे मेंहमें अपने शेर होने का परिचय देना हीं होगा | हमशेर बन कर भ्रष्टों के गले दबोचे और एक एकचीज का हिसाब मांगे | हम शेर हैं और शेरकी तरह जियें | हमारे नस नस में रक्त की जगहलावा बह रही है | हम ऊर्जा और शक्ति केश्रोत हैं | हम ईश्वरपुत्र हैं यानी ईश्वर हीं हैंऐसे भाव के साथ जियें |
Read more:www.manishpdixit.blogspot.com
उसका लालन पालन भेंड़ों की तरह होता है
और उसमे भेंड के सारे गुणआ जातें हैं | एक दिन उस भेंड़ों के झुण्ड पर एकशेर आक्रमण कर देता है सारे भेंड अपनी जानले कर भागतें हैं | शेर का बच्चा भी भागता है |शेर को यह सब देख कर मारे आश्चर्यकी उसकी आँखें फटी रह जाती है | वहभेंड़ों को छोड़ कर पहले शेर के बच्चे को पहलेदबोचता है | शेर का बच्चा मिमियाने लगता है |शेर उस बच्चे से पूछता है की भेंड तो भाग गएकोई बात नहीं लेकिन तुम क्यों भाग रहे हो ? शेरका बच्चा मिमियाने लगता है | शेर को बातसमझ में आ जाती है ,पास हीं नदी बहरही होती है | शेर उस बच्चे का गर्दन पकड करनदी में उसका छवि दिखाता है | शेरका बच्चा अपने को पहचान कर जोरदार गर्जनकरता है | शेर को मारे खुशी के आंसू छलकआतें हैं |हम भटके हुए शेर के बच्चे हैं | समय समय परकोई कृष्ण अपने गीता के माध्यम से हमें हम शेरहैं बताने आतें हैं | कोई मोहमद अपने कुरान केमाध्यम से ,कोई जीसस अपने बाइबल केमाध्यम से ये बताता है कि हम शेर हैं और खुदको भेंड समझ बैठ हैं और जब हम खुदको पहचानतें हैं तो जितनी खुशी हमें होती हैउतनी हीं खुशी किसी कृष्ण ,मोहमद या जीससया किसी भी सद्गुरु को भी होती है |वर्तमान में भारत की जो दुर्दशा यहाँ केभ्रष्टों ने ,अतितायिओं ने बना रखी है ऐसे मेंहमें अपने शेर होने का परिचय देना हीं होगा | हमशेर बन कर भ्रष्टों के गले दबोचे और एक एकचीज का हिसाब मांगे | हम शेर हैं और शेरकी तरह जियें | हमारे नस नस में रक्त की जगहलावा बह रही है | हम ऊर्जा और शक्ति केश्रोत हैं | हम ईश्वरपुत्र हैं यानी ईश्वर हीं हैंऐसे भाव के साथ जियें |
Read more:www.manishpdixit.blogspot.com
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें